कोयल भी सुनाई देती है तेरे प्यार में
मौसम भी सुहाना लगता है तेरे इंतज़ार मेंकभी गुमसुम तो कभी दीवाने से दिखाई देते हैंजैसे कोई मोर नाचता है भरी बसंत की बहार में।क्यों थाम लेती हो आकर मेरे सांसों को इस तरह,हम तो बस मर ही जाते हैं उस दिल ए बेकरार में।ना झुकाना पलकें मेरे सनम जो पास आओवरना कुछ कमी सी रह जाएगी आपके दीदार में
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